पॉलीटेक्निक डिप्लोमा आ आईटीआई (ITI): तकनीकी हुनर सं त्वरित आत्मनिर्भरता आ रोजगारक मार्ग
सबहि छात्र लेल पारंपरिक सामान्य स्नातक (BA/B.Sc/B.Com) करब एकमात्र विकल्प नहि अछि। ओ छात्र जे शीघ्र रोजगार प्राप्त कऽ अपन परिवारकेँ आर्थिक संबल देबय चाहैत छथि, हुनका लेल पॉलीटेक्निक डिप्लोमा आ राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) क वोकेशनल कोर्स अत्यंत लाभकारी सिद्ध भऽ रहल अछि।
डिप्लोमा आ आईटीआईक लोकप्रिय ट्रेड्स:
१. मैकेनिकल, ऑटोमोबाइल आ प्रोडक्शन: विनिर्माण उद्योग, ऑटोमोबाइल प्लांट आ भारी मशीनरी क्षेत्र मे भारी मांग।
२. इलेक्ट्रिकल आ इलेक्ट्रॉनिक्स: पावर ग्रिड, सौर ऊर्जा प्लांट, सेमीकंडक्टर निर्माण आ घरेलू उपकरण उद्योग।
३. सिविल इंजीनियरिंग: हाईवे निर्माण, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट, रियल एस्टेट आ पुल निर्माण क्षेत्र।
४. कंप्यूटर साइंस आ ड्राफ्ट्समैन (CAD/CAM): सॉफ्टवेयर सपोर्ट, डिजिटल डिजाइनिंग आ औद्योगिक मानचित्र निर्माण।
५. फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, टर्नर, मशीनिस्ट: औद्योगिक उत्पादन लाइनक रीढ़।
रोजगार आ करियरक विस्तार:
१. सार्वजनिक क्षेत्रक उपक्रम (PSU): भेल (BHEL), सेल (SAIL), गेल (GAIL), ओएनजीसी (ONGC), इसरो (ISRO), डीआरडीओ (DRDO) आ एनटीपीसी (NTPC) मे प्रतिवर्ष डिप्लोमा प्रशिक्षु (Diploma Trainee) आ तकनीशियन पद लेल बंपर भर्ती निकलैत अछि।
२. रेलवे आ रक्षा बल: रेलवे लोको पायलट, तकनीशियन, सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (MES) आ नौसेना डॉकयार्ड मे तकनीकी संवर्गक पद।
३. निजी उद्योग आ बहुराष्ट्रीय कंपनी: टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, एलएंडटी (L&T), सीमेंस, सैमसंग जकाँ दिग्गज कंपनी सभ सीधे कैंपस प्लेसमेंट सं छात्र सभक चयन करैत अछि।
४. स्वरोजगार आ उद्यमिता: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आ स्टार्टअप इंडियाक तहत तकनीकी युवा अपन सर्विस सेंटर, फैब्रिकेशन यूनिट अथवा कांट्रैक्टिंग व्यवसाय शुरू कऽ सकैत छथि।
पॉलीटेक्निक डिप्लोमाक बाद 'लैटरल एंट्री' क माध्यम सं छात्र सीधे बीटेक (B.Tech) द्वितीय वर्ष मे नामांकन लऽ कऽ उच्च इंजीनियरिंग डिग्री सेहो प्राप्त कऽ सकैत छथि। कौशल युक्त हाथ कहियो बेरोजगार नहि रहैत अछि, एही भावनाक संग छात्र सभकेँ तकनीकी प्रशिक्षणकेँ गंभीरता सं लेबाक चाही।
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