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माता सीताक 108 पावन नाम: श्रीअद्भुत रामायण आ पुराण वर्णित अष्टोत्तरशत नामावली

📅 19 अगस्त 2026 ✍ Admin 👁 46
माता सीताक 108 पावन नाम: श्रीअद्भुत रामायण आ पुराण वर्णित अष्टोत्तरशत नामावली
शास्त्रोक्त 'सीता अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र' मे वर्णित माता जानकीक १०८ पावन नाम। मिथिलाक दुलारी जगतजननी माता सीताक ई नामावली साधक केँ सुख, शांति आ अखंड सौभाग्य प्रदान करैत अछि।

जनकपुरधाम / अयोध्या:

सनातन धर्मग्रंथ सभ मे, विशेष रूप सं 'अद्भुत रामायण' आ 'आनंद रामायण' मे आदिशक्ति भगवती जानकीक १०८ पावन नाम सभक विस्तृत वर्णन भेटैत अछि। मिथिलाक पावन भूमि पर अवतरित माता सीताक ई नामावली केवल नाम नहि, अपितु हुनकर दिव्य गुण, अलौकिक शक्ति आ स्वरूपक साक्षात् स्तुति थिक।

धार्मिक मान्यतानुसार एहि अष्टोत्तर शतनामावलीक पाठ करबा सं साधक केँ मानसिक शांति, पारिवारिक सौहार्द, आरोग्य आ अखंड सौभाग्यक प्राप्ति होइत अछि।

माता सीताक १०८ पावन शास्त्रोक्त नामावली:

1. ॐ जानक्यै नमः (महाराज जनकक पुत्री)

2. ॐ योगमायायै नमः (भगवानक दिव्य योगमाया)

3. ॐ योगेश्यै नमः (योगक अधिष्ठात्री देवी)

4. ॐ योगवल्लभायै नमः (योगिराज भगवान श्रीरामक प्रिया)

5. ॐ राघवप्रियायै नमः (रघुकुल तिलक श्रीरामक प्रियतमा)

6. ॐ रामायै नमः (रमणीय स्वरूपा आ श्रीरामक शक्ति)

7. ॐ रामचन्द्रप्रियायै नमः (प्रभु रामचंद्रक अर्धांगिनी)

8. ॐ वैदेह्यै नमः (विदेह राजकन्या)

9. ॐ मैथिल्यै नमः (मिथिला भूमिक दुलारी)

10. ॐ सीतायै नमः (भूमि सं प्रकट भेल मंगलमयी)

11. ॐ लक्ष्म्यै नमः (साक्षात् श्रीलक्ष्मी)

12. ॐ श्रियै नमः (ऐश्वर्य आ शोभाक देवी)

13. ॐ पद्मसम्भवायै नमः (कमल सं प्रादुर्भूत)

14. ॐ पद्मालयायै नमः (कमल मे निवास करनिहारि)

15. ॐ पद्माक्षायै नमः (कमल नयनी)

16. ॐ पद्मगन्धायै नमः (कमल सदृश सुगंध सं युक्त)

17. ॐ सुरार्चितायै नमः (देवता लोकनि द्वारा पूजित)

18. ॐ अवनिजायायै नमः (पृथ्वी सं उत्पन्न)

19. ॐ मातुलुङ्ग्यै नमः (मातुलुंग फलक प्रिय धारिणी)

20. ॐ चन्द्रकान्ताननायै नमः (चंद्रमा जकाँ सुंदर मुख वाली)

21. ॐ धरात्मजायै नमः (धरतीक आत्मजा)

22. ॐ विश्वधरायै नमः (संसार केँ धारण करनिहारि)

23. ॐ धरित्र्यै नमः (साक्षात् पृथ्वी स्वरूपा)

24. ॐ धर्मचारिण्यै नमः (धर्मक पालन आ आचरण करनिहारि)

25. ॐ मन्दहासायै नमः (मंद-मधुर मुस्कान वाली)

26. ॐ मन्दशीलायै नमः (परम शांत आ सौम्य स्वभाव वाली)

27. ॐ मन्दगामिपराङ्मुख्यै नमः (गजगामिनी आ संयमित आचरण वाली)

28. ॐ धनुर्भङ्गनिमित्तायै नमः (शिव धनुष भंजक निमित्त)

29. ॐ रावणान्तककारिण्यै नमः (रावणक विनाशक मूल कारण)

30. ॐ अयोनिजायै नमः (गर्भ सं रहित दिव्य प्राकट्य वाली)

31. ॐ पार्थिव्यै नमः (पृथ्वीक अंश स्वरूपा)

32. ॐ हरकोदण्डतोषिण्यै नमः (पिनाक धनुषक पूजा करनिहारि)

33. ॐ कौशल्यानन्दिन्यै नमः (माता कौशल्या केँ आनंद देनिहारि)

34. ॐ सुमित्राप्रीतिवर्धिन्यै नमः (माता सुमित्राक स्नेह बढ़ोनिहारि)

35. ॐ कैकेयीतोषदात्र्यै नमः (माता कैकेयी केँ संतुष्ट रखनिहारि)

36. ॐ उर्मिलादिसुशोभितायै नमः (उर्मिला, मांडवी, श्रुतकीर्ति सं शोभित)

37. ॐ भरतप्रीतिदायै नमः (भरत केँ मातृवत स्नेह देनिहारि)

38. ॐ शत्रुघ्नतोषदायिन्यै नमः (शत्रुघ्न केँ प्रसन्न करनिहारि)

39. ॐ हनुमत्प्राणदात्र्यै नमः (हनुमान जी केँ आशीर्वाद आ जीवन देनिहारि)

40. ॐ लक्ष्मणत्राणकारिण्यै नमः (लक्ष्मणक रक्षा करनिहारि)

41. ॐ अशोकवनमध्यस्थायै नमः (अशोक वाटिका मे निवास करनिहारि)

42. ॐ रावणदर्पहारिण्यै नमः (रावणक अहंकारक नाश करनिहारि)

43. ॐ लङ्कादहनहेतवे नमः (लंका दहनक माध्यम बननिहारि)

44. ॐ त्रिजटाप्रीतिवर्धिन्यै नमः (त्रिजटा पर कृपा करनिहारि)

45. ॐ विभीषणवरदात्र्यै नमः (विभीषण केँ वरदान देनिहारि)

46. ॐ सर्वदेवनमस्कृतायै नमः (समस्त देवगण द्वारा वंदित)

47. ॐ अग्निशुद्धिप्रियायै नमः (अग्नि परीक्षा सं अपन पावनता प्रकट करनिहारि)

48. ॐ अयोध्यावासकारिण्यै नमः (अयोध्याक महारानी)

49. ॐ लवकुशप्रसूत्यै नमः (वीर लव आ कुश केँ जन्म देनिहारि)

50. ॐ रामार्धाङ्गनिवासिन्यै नमः (प्रभु श्रीरामक वामांगी)

51. ॐ सर्वमङ्गलायै नमः (सभक अमंगल दूर कऽ मंगल करनिहारि)

52. ॐ सर्वकामफलप्रदायै नमः (सभ मनोकामना पूर्ण करनिहारि)

53. ॐ सर्वसम्पत्प्रदात्र्यै नमः (समस्त ऐश्वर्य आ संपदा प्रदायिनी)

54. ॐ सर्वदुःखविनाशिन्यै नमः (सभ प्रकारक दुःख दूर करनिहारि)

55. ॐ भुवनात्मजायै नमः (सृष्टिक मूल आधार)

56. ॐ कमलायै नमः (कमल स्वरूपा)

57. ॐ विमलायै नमः (दोषरहित परम पवित्र)

58. ॐ मुकुटधारिण्यै नमः (राजमुकुट सं सुशोभित)

59. ॐ भूतनयायै नमः (भूमिपुत्री)

60. ॐ वरारोहायै नमः (दिव्य रूपवती)

61. ॐ कल्याण्यै नमः (कल्याणदायिनी)

62. ॐ जगन्मात्रे नमः (समस्त सृष्टिक जगतजननी)

63. ॐ जगत्पात्र्यै नमः (विश्वक पोषण करनिहारि)

64. ॐ राघवानन्दकारिण्यै नमः (रघुनाथ केँ आनंद प्रदान करनिहारि)

65. ॐ पतिव्रतायै नमः (पातिव्रत्य धर्मक सर्वोच्च प्रतिमान)

66. ॐ महाभागायै नमः (परम सौभाग्यवती)

67. ॐ सर्वभूतहितेरतायै नमः (समस्त प्राणीक हित मे रत)

68. ॐ चारुनेत्रायै नमः (मनोहर नयन वाली)

69. ॐ विशालाक्ष्यै नमः (विशाल आ करुणामयी नेत्र वाली)

70. ॐ सुभाषिण्यै नमः (सदा प्रिय आ सत्य बजएबाली)

71. ॐ सुकेश्यै नमः (सुंदर केश सं सुशोभित)

72. ॐ सुदत्यै नमः (सुंदर दंतावली वाली)

73. ॐ बिम्बोष्ठ्यै नमः (बिम्ब फल समान लाल ओठ वाली)

74. ॐ चारुहासिन्यै नमः (सुंदर हास्य वाली)

75. ॐ पीनकौशाम्बिकायै नमः (दिव्य पीतांबर धारिणी)

76. ॐ चारुरूपायै नमः (अत्यंत लावण्यमयी रूप वाली)

77. ॐ महासत्यै नमः (सर्वोच्च सती)

78. ॐ सुमध्यमायै नमः (उत्कृष्ट कटि प्रदेश वाली)

79. ॐ भद्रभाषिण्यै नमः (सदा भद्र आ मंगलकारी वचन बजएबाली)

80. ॐ रत्नगर्भायै नमः (पृथ्वी समान गुण धारण करनिहारि)

81. ॐ सुभ्रुवे नमः (सुंदर भौंह सं शोभित)

82. ॐ कम्बुकण्ठ्यै नमः (शंख सदृश सुंदर ग्रीवा वाली)

83. ॐ सर्वलक्षणलक्षितायै नमः (३२ सुलक्षण सं युक्त)

84. ॐ दिव्याम्बरधरायै नमः (दिव्य वस्त्र धारण करनिहारि)

85. ॐ दिव्याभरणभूषितायै नमः (दिव्य आभूषण सं अलंकृत)

86. ॐ त्रैलोक्यसुन्दर्यै नमः (तीनों लोक मे अद्वितीय सुंदरी)

87. ॐ कान्तायै नमः (परम प्रिय आ कांतिमान)

88. ॐ कमनीयायै नमः (अत्यंत पूजनीय आ कमनीय)

89. ॐ मनोरमायै नमः (मन केँ मोहनिहारि)

90. ॐ हंसगमनायै नमः (हंस जकाँ मंद गति वाली)

91. ॐ गजगमनायै नमः (हाथी जकाँ गरिमामयी चालि वाली)

92. ॐ त्रैलोक्यजनन्यै नमः (तीनों लोकक माता)

93. ॐ शक्त्यै नमः (परम आदिशक्ति)

94. ॐ भवान्यै नमः (भवतारिणी)

95. ॐ शर्वाण्यै नमः (सृष्टिक संहारक दोष दूर करनिहारि)

96. ॐ उमायै नमः (तपस्याक प्रतिमूर्ति)

97. ॐ कात्यायन्यै नमः (धर्म रक्षा हेतु तत्पर)

98. ॐ दुर्गायै नमः (दुर्गतिनाशिनी)

99. ॐ चण्ड्यै नमः (असुर संहारिणी शक्ति)

100. ॐ सत्यै नमः (परम सत्य स्वरूपा)

101. ॐ गौर्यै नमः (गौर वर्ण आ पावन स्वरूपा)

102. ॐ हैमवत्यै नमः (सुवर्ण सदृश कांति वाली)

103. ॐ ईश्वर्यै नमः (समस्त सृष्टिक स्वामिनी)

104. ॐ शिवायै नमः (परम कल्याणकारी)

105. ॐ नारायण्यै नमः (नारायणक शक्ति)

106. ॐ विष्णुप्रियायै नमः (भगवान विष्णुक प्रियतमा)

107. ॐ अनन्तगुणायै नमः (असीम आ अनंत कल्याणकारी गुणक स्वामिनी)

108. ॐ श्रीरामवल्लभायै नमः (श्रीरामक प्राणप्रिया)

फलश्रुति:

शास्त्रक अनुसार जे भक्त प्रातःकाल एहि १०८ नामावलीक नित्य पाठ करैत छथि, हुनकर सभ अमंगल दूर भऽ घर मे सुख, शांति आ दांपत्य जीवन मे अखंड सौभाग्यक वास होइत अछि।

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